Wednesday, November 14, 2007

जब याद किसीकी आए…….

जब याद किसीकी आए ,
तो क्या किया जाए ,
जब ये दिल तरसाए ,
तो क्या किया जाए…….

किसी की यादों को भुलाना ,
हमारे बस में नहीं ,
भूल कर भी वही याद आए ,
तो क्या किया जाए…….

गम छुपाने के लिए ,
हमने मुस्कुराना सिखा ,
मुस्कुराते हुए भी ,
ये आँखें भर आए ,
तो क्या किया जाए…….

उन तारों की चमक भी देखी हमने ,
पर नज़र पड़ते ही ,
तारा भी टूट जाए ,
तो क्या किया जाए…….

जिंदगी के हर मोड़ पर ,
जीत हासिल करने पर ,
हम हमीं से हार जाए ,
तो क्या किया जाए…….

जब याद किसीकी आए ,
तो क्या किया जाए ,
जब ये दिल तरसाए ,
तो क्या किया जाए…….

No comments: