Friday, February 8, 2008

कोई दीवाना कहता है...

कि कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है ,
दीवाना कहता है कोई पागल समझता है ,
धरती की बैचेनी को बस बादल समझता है ,
मगर धरती की बैचेनी को बस बादल समझता है ,

मैं तुझसे दूर कैसा हूँ, तू मुझसे दूर कैसी है,
मैं तुझसे दूर कैसा हूँ, तू मुझसे दूर कैसी है,
ये तेरा दिल समझता है या मेरा दिल समझता है ,
ये तेरा दिल...

कि मोहब्बत एक एहसासों कि पावन सी कहानी है ,
कि मोहब्बत एक एहसासों कि पावन सी कहानी है ,
कभी कबीरा दीवाना था कभी मीरा दीवानी है ,
कभी कबीरा दीवाना...

यहां सब लोग कहते हैं मेरी आंखों मैं आँसू हैं ,
यहां सब लोग कहते हैं मेरी आंखों मैं आँसू हैं ,
जो तू समझे तो मोती हैं जो ना समझे तो पानी है ,
जो तू समझे तो मोती हैं...

मत पूछ कि क्या हाल है मेरा तेरे पीछे ,
मत पूछ कि क्या हाल है
मत पूछ कि क्या हाल है मेरा तेरे पीछे ,
तू देख कि क्या रंग है मेरा तेरे आगे ,

कि समंदर पीर का अंदर है लेकिन रो नही सकता ,
समंदर पीर का अंदर है लेकिन रो नही सकता ,
ये आँसू प्यार का मोती है इसको खो नही सकता ,
ये आँसू प्यार का मोती है इसको खो नही सकता ,

मेरी चाहत को दुल्हन तू बना लेना मगर सुन ले ,
मेरी चाहत को अपना तू बना लेना मगर सुन ले ,
जो मेरा हो नही पाया वो तेरा हो नही सकता ,
जो मेरा हो नही पाया...

कि भ्रमर कोई कुमुदिनी पर
भ्रमर कोई कुमुदिनी पर मचल बैठा तो हंगामा ,
हमारे दिल मैं कोई ख्वाब पल बैठा तो हंगामा ,
अभी तक डूब कर सुनते थे सब किस्सा मोहब्बत का
अभी तक डूब कर सुनते थे सब किस्सा मोहब्बत का ,
मैं किस्से को हकीकत मैं बदल बैठा तो हंगामा ,
मैं किस्से को हकीकत मैं बदल बैठा तो हंगामा

कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है ,
मगर धरती की बैचेनी को बस बादल समझता है